10/07/2026
कहते हैं कि जिंदगी में कुछ भी यूं ही नहीं होता, हर इत्तेफाक के पीछे ऊपर वाले की एक खूबसूरत प्लानिंग होती है। आज अचानक कुछ ऐसा हुआ कि मेरी तबीयत काफी बिगड़ गई। अंदर से थोड़ी बेचैनी थी, तो मैं दवा लेने के लिए वसई ईस्ट के 'ग्रेस हॉस्पिटल' चला गया। वहां मेरी मुलाकात हॉस्पिटल के ओनर और डायरेक्टर, डॉक्टर राजेश यादव जी से हुई। डॉक्टर साहब इलाज कर ही रहे थे कि बातों-बातों में एक ऐसा सच सामने आया जिसने मेरी बीमारी का सारा दर्द पल भर में गायब कर दिया। सौभाग्य की बात देखिए... जो तारीख मेरे वजूद की है, वही तारीख उनकी जिंदगी की भी है। यानी हम दोनों का जन्मदिन एक ही दिन, 7 जुलाई को होता है! इस बार भारी बारिश और कुछ मजबूरियों की वजह से हम दोनों में से कोई भी अपना जन्मदिन नहीं मना पाया था। लेकिन आज जब मैं एक मरीज बनकर वहां पहुंचा, तो डॉक्टर साहब ने उस सूने पड़े दिन को खुशियों से सराबोर कर दिया। उन्होंने हॉस्पिटल में ही हम दोनों के लिए केक मंगवाया और फिर हम दोनों ने मिलकर, एक साथ मुस्कुराते हुए उस केक को काटा। उस वक्त वहां उनके बड़े भाई संतोष यादव जी और विनोद जी भी मौजूद थे, जिनकी तालियों ने उस माहौल को और भी सलोना बना दिया। तबीयत खराब होने के बहाने ही सही, लेकिन आज ग्रेस हॉस्पिटल की चारदीवारी के बीच जिंदगी का सबसे अनोखा और यादगार जन्मदिन मन गया। डॉक्टर राजेश यादव जी को दिल की गहराइयों से जन्मदिन की अनंत शुभकामनाएं। हमारा एक ही दिन पैदा होना, वाकई खुदा का लिखा एक बेहद सुखद और पावन संयोग है।