18/09/2026
शंकर शाह रघुनाथ शाह का जीवन परिचय राजा शंकर शाह और उनके पुत्र कुंवर रघुनाथ शाह गोंडवाना साम्राज्य (गढ़ा-मंडला, जबलपुर) के महान और अमर स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्होंने 1857 के प्रथम स्वाधीनता संग्राम में ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ अद्भुत साहस दिखाया।परिचय और पृष्ठभूमिवंश: राजा शंकर शाह गोंड राजवंश और वीरांगना रानी दुर्गावती के वंश से संबंधित थे।क्षेत्र: उनका राज्य मध्य प्रदेश के जबलपुर और गढ़ा-मंडला (गोंडवाना क्षेत्र) में था।व्यक्तित्व: राजा शंकर शाह एक कुशल शासक होने के साथ-साथ एक प्रख्यात कवि और लेखक भी थे। उनके पुत्र कुंवर रघुनाथ शाह भी उनके इन देशभक्ति और साहित्यिक संस्कारों से परिपूर्ण थे।1857 की क्रांति और योगदानसाहित्य के माध्यम से विद्रोह: पिता-पुत्र ने अपनी ओजस्वी कविताओं और गीतों के जरिए आम जनता और ब्रिटिश सेना में तैनात भारतीय सैनिकों के मन में देशभक्ति की अलख जगाई।रणनीति: उन्होंने अंग्रेजों की 5वीं रेजिमेंट और अंग्रेजी हुकूमत की नींव उखाड़ने के लिए गुप्त योजनाएं बनाईं और क्षेत्र के लोगों को संगठित किया।शहादत (बलिदान)गिरफ्तारी: अंग्रेजों को उनकी योजनाओं और कविताओं के जरिए विद्रोह भड़काने की भनक लग गई। 14 सितंबर 1857 को अंग्रेजों ने दोनों पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर लिया।बलिदान: मात्र चार दिन की बंदी के बाद, 18 सितंबर 1857 को जबलपुर के मालगोदाम चौक पर अंग्रेजों ने दोनों वीरों को तोप के मुंह से बांधकर उड़ा दिया।स्मृति: हर साल 18 सितंबर को उनकी शहादत कोददेश्य बलिदान दिवस के रूप में याद किया जाता है। उनकी स्मृति में जबलपुर में एक अत्याधुनिक जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय भी बनाया गया है।
जय सेवा जय जोहार जय आदिवासी जय मूलनिवासी 🙏🏿🏹🏹🏹
#भारतवर्षीय_गोंड_आदिवासी_महासभा #आदिवासीगोंडसमाज